संवेदनशीलता और त्वरित न्याय का उदाहरण: पुलिस अधीक्षक मुरैना की जनसुनवाई में 180 से अधिक आवेदकों की सुनी गईं शिकायतें

संवेदनशीलता और त्वरित न्याय का उदाहरण: पुलिस अधीक्षक मुरैना की जनसुनवाई में 180 से अधिक आवेदकों की सुनी गईं शिकायतें
मुरैना। मध्य प्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में आमजन की समस्याओं के त्वरित, निष्पक्ष और गंभीर निराकरण हेतु पुलिस अधीक्षक कार्यालय मुरैना में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीना (भा.पु.से.) ने की।

इस अवसर पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से पहुंचे 180 से अधिक फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याएं व शिकायतें पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखीं, जिन्हें गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
मानवीय संवेदनशीलता: गर्भवती महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जनसुनवाई के दौरान एक गर्भवती महिला अपनी शिकायत लेकर पहुंची। महिला की स्थिति को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीना ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता दिखाई और महिला थाना प्रभारी निरीक्षक नेहा शर्मा को निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही महिला थाना प्रभारी ने अपने शासकीय वाहन से पीड़ित महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे चिकित्सीय परीक्षण एवं आवश्यक उपचार हेतु भर्ती कराया गया।
मासूम बच्चों से संवाद कर दिए निर्देश जनसुनवाई में पहुंचीं 2 छोटी बच्चियों से भी पुलिस अधीक्षक ने आत्मीयता से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझकर संबंधित थाना प्रभारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के कड़े निर्देश जारी किए।
ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित जनसुनवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक मुरैना श्रीमती दीपाली चंदेरिया, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री विजय सिंह भदौरिया, थाना प्रभारी महिला थाना निरीक्षक नेहा शर्मा, सूबेदार (अ) जय कुमार अरोरा, सउनि (अ) अभिषेक राजौरिया (प्रभारी शिकायत शाखा) सहित अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।




