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छत्तीसगढ़

14 वर्षीय नाबालिग का दो महीने तक पीछा कर छेड़छाड़ का आरोप पुलिस ने 26 वर्षीय आरोपी को दबोचा

रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप, डरी-सहमी बच्ची ने स्कूल जाने से किया इनकार

बिलासपुर/मोपका 9 अगस्त 2026।

मोपका क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय आरोपी मनीष कंवर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार पीड़िता के पिता ने 8 अगस्त 2026 को चौकी मोपका में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मोहल्ले में रहने वाला आरोपी करीब दो महीने से 14 वर्षीय नाबालिग का स्कूल आते-जाते पीछा कर रहा था और कथित रूप से इशारेबाजी एवं छेड़छाड़ करता था।

समझाइश के बाद भी नहीं माना आरोपी

पीड़िता के पिता का आरोप है कि उन्होंने आरोपी के घर जाकर कई बार उसे ऐसा नहीं करने की समझाइश दी लेकिन इसके बावजूद कथित हरकतें जारी रहीं। लगातार परेशान किए जाने से नाबालिग बच्ची मानसिक रूप से भयभीत हो गई और अब स्कूल जाने से भी इनकार करने लगी।

शिकायत के बाद समझौते का दबाव

मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़िता के पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी की मां बहन और उसके कुछ साथी उन पर समझौता करने के लिए दबाव बना रहे थे। पिता ने आशंका जताई कि दबाव बनाने वाले लोग उनके या उनकी बेटी के साथ कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं।

इस शिकायत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सवाल यह है कि क्या नाबालिग से जुड़ी शिकायत वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था? यदि ऐसा है तो पुलिस को इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक मामले में अपराध क्रमांक 1139/26 दर्ज कर धारा 78, 79 BNS एवं धारा 12 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पुलिस ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार किया और 9 अगस्त 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

नाबालिग की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। सबसे बड़ा सवाल उस 14 वर्षीय बच्ची की सुरक्षा और उसके भयमुक्त होकर स्कूल जाने का है। यदि शिकायत के बाद परिवार पर दबाव बनाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर विषय होगा।

अब देखना होगा कि पुलिस आरोपी के साथ-साथ कथित रूप से समझौते का दबाव बनाने वालों के खिलाफ भी जांच कर क्या कार्रवाई करती है।

नोट: नाबालिग पीड़िता की पहचान कानूनन सुरक्षित रखी गई है।

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