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मध्य प्रदेश

सत्ता-संगठन के संरक्षण में ग्राम पंचायत बदरा में फर्जीवाड़े का खेल: लाखों का गबन, अफसर बने मूकदर्शक

 

रिपोर्टर :- जियाउद्दीन अंसारी
संभागीय ब्यूरो चीफ शहडोल(म. प्र.)
जन सरोवर प्राइम पत्रिका

​अनूपपुर/बदरा जनपद पंचायत के ठीक नाक के नीचे स्थित ग्राम पंचायत बदरा में विकास कार्यों के नाम पर धांधली और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। प्रशासनिक शह, सीईओ और इंजीनियरों की मूक सहमति तथा राजनीतिक संरक्षण के चलते बदरा पंचायत में लाखों रुपये के सरकारी बजट की खुलेआम बंदरबांट की जा रही है।

कागजों में विकास, ज़मीन पर सन्नाटा

​पुरानी नाली में पाइपलाइन फर्जीवाड़े की हद यह है कि पुरानी बनी नाली में ही पाइपलाइन बिछाकर कागजों पर नई नाली खुदाई का खर्च दिखा दिया गया।

कागज़ी सफाई अभियान

गांव में गंदगी का अंबार होने के बावजूद हर महीने सफाई के नाम पर लाखों रुपये का आहरण धड़ल्ले से जारी है।
​गुणवत्ताहीन निर्माण: बिना वास्तविक कार्य कराए इंजीनियरों द्वारा मूल्यांकन (MB) दर्ज किया जा रहा है, जो अधिकारियों की मिलीभगत को साफ दर्शाता है।
​8.21 लाख रुपये के संदिग्ध भुगतानों का ब्यौरा
समाचार पत्र ‘उद्घोष समय’ और ‘पंचायत दर्पण’ पोर्टल के बिलों के खुलासे से प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है:

गलत दुकानों से बिलिंग

:ईंट-सीमेंट और भवन सामग्री बेचने वाली फर्मों (जैसे एस.बी. ट्रेडर्स) से कमर्शियल पंप और सबमर्सिबल सेट का भुगतान दिखाया गया है।
​2.80 लाख का गायब पाइप: कागजों में 90mm का 1000 मीटर पाइप खरीदा दर्ज है, लेकिन धरातल पर इसका कोई अस्तित्व नहीं है।
​1.63 लाख की फर्जी ड्रिलिंग: ‘ज्योति स्पेयर पार्ट्स’ नाम की दुकान के बिल पर 90 मीटर गहरी बोर ड्रिलिंग का ₹1,63,089 का फर्जी आहरण कर लिया गया।
​कार्रवाई से कतराते जिम्मेदार,

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सत्ताधारी दल में पैठ और राजनीतिक रसूख के कारण सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर आंच नहीं आ रही है। जनपद पंचायत सीईओ के रोजाना पंचायत भवन में बैठने के बावजूद जांच समिति गठित न होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
​जनपद पंचायत घेराव की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि इस ₹8.21 लाख के संदिग्ध भुगतान और फर्जी विकास कार्यों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई, तो वे जनपद पंचायत कार्यालय का उग्र घेराव करेंगे।

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