पूर्व से गंभीर मुकदमो मे वांछित शातिर खनन माफ़िया मिट्टी चोर की गिरफ्तारी को लेकर वृद्ध किसान द्वारा किये जा रहे आमरण अनशन के दौरान किसान की हालत हुई नाजुक
उन्नाव जिला उन्नाव थाना माखी के अंतर्गत आने वाले ग्राम रूपऊ मे खूखांर शेरेपुस्त दबंग शातिर खनन माफिया पूर्व से

जनसरोवर प्राइम पत्रिका
संवाददाता अवधेश यादव
उन्नाव जिला उन्नाव थाना माखी के अंतर्गत आने वाले ग्राम रूपऊ मे खूखांर शेरेपुस्त दबंग शातिर खनन माफिया पूर्व से 133,231,147,452,323,504,506,303(2),4,21 जैसी संगीन धाराओं में वांछित प्रशांत द्विवेदी उर्फ पिंटू पुत्र स्व अवधेश द्विवेदी निवासी ग्राम रूपऊ थाना माखी जिला उन्नाव द्वारा प्रदेश सरकार के द्वारा प्रदान किये गये सरकारी ग्रामीण संपर्क मार्ग एवं सरकारी संपत्ति इंडिया मार्का हैंडपंप की चैन चोरी करने के साथ खुद स्वयं का समरसेबल लगवा सरकारी संपत्ति का दुर्पयोग करने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने, घर में घुसकर मारपीट करने, वाले दोषी को आलाधिकारियों के द्वारा घटना स्थल पर पहुंच मौके पर निरीक्षण कर मिट्टी चोर प्रशांत उर्फ पिंटू को दोषी पाये जाने के उपरान्त तत्काल गिरफ्तार किये जाने के आदेश किये थे जिसमें करीब 6 माह पश्चात आलाधिकारियों के आदेशों को अनदेखा कर गिरफ्तार ना किये जाने जैसे प्रकरण के चलते दिनांक 09/08/2026 दिन रविवार समय सुबह करीब 10 बजे जिलाधिकारी महोदय प्रांगण के निकट आमरण अनशन रख दोषी को गिरफ्तार किये जाने जैसी मांग को लेकर लगायी न्याय की गुहार हद तो तब हो जाती कई घंटे से अधिक ऐसी उमस मे भूखे प्यासे रहने के चलते पीङित वृद्ध विजयशंकर का शरीर जवाब देने लगा है वही पीङित विजयशंकर ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष दोषी को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के उपरांत ही पीङित खत्म करेगा अपना अनशन भले ही न्याय लेने हेतु जान को भी दाव पर लगाने जैसी बोलने के साथ शासन एवं प्रशासन से दोषी के ऊपर पंजीकृत मुकदमो को संज्ञान मे ले खूखांर शातिरचोर को शासन एवं प्रशासन द्वारा हिस्ट्रीशीटर का खिताब दिये जाने जैसी बात बोल पुन: आमरण अनशन के दौरान होने वाली शारीरिक पीड़ा के चलते एक तरफ करवट ले लेटने पर हुआ मजबूर साथी ही खूखांर शेरेपुस्त दबंग खनन माफिया, युवतियों के साथ छेड़छाड़ करने एवं सरकारी संपत्ति इंडिया मार्का हैंडपंप की चैन चोरी करने के साथ सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप मे खुद का समरसेबल लगवा सरकारी संपत्ति का दुर्पयोग करने जैसे मामलो को वर्षो से देता आ रहा अंजाम आज तक ना देखा थाने का दरवाजा।
