ग्राम ठाकुरदेव की सरकारी राशन दुकान में गड़बड़ी का आरोप दो माह की एंट्री के बाद एक माह का चावल देने का दावा
जय श्री राधा कृष्णा सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान का मामला ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
जिला बिलासपुर के ब्लॉक मस्तूरी अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरदेव में जय श्री राधा कृष्णा सहायता समूह द्वारा संचालित सरकारी राशन दुकान को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण में लापरवाही बरती जा रही है और चावल वितरण को लेकर अनियमितता सामने आई है।
ग्रामीण जयप्रकाश द्वारा राशन लेने के दौरान कथित तौर पर दो माह की एंट्री किए जाने के बावजूद एक माह का चावल दिए जाने का आरोप लगाया गया। इस दौरान उन्होंने राशन दुकान में मौजूद कर्मचारी से सवाल किया कि यदि मशीन में दो माह का राशन दर्ज है तो एक माह का चावल क्यों दिया जा रहा है। मामले का वीडियो बनाकर जयप्रकाश सतनामी ने सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
वीडियो में संबंधित व्यक्ति द्वारा बाद में दोनों माह का चावल देने की बात कही गई।
इस पर जयप्रकाश ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दो माह का राशन पात्र हितग्राही के लिए दर्ज है तो केवल उन्हें ही नहीं बल्कि अन्य ग्रामीणों को भी उनका पूरा राशन मिलना चाहिए।
समिति के अध्यक्ष और सदस्यों से भी उठे सवाल

मामले को लेकर समिति के अध्यक्ष एवं मौजूद महिला सदस्य से जब जानकारी ली गई तो उनके द्वारा कथित तौर पर यह कहा गया कि उन्हें दो माह का चावल एक साथ दिए जाने की जानकारी नहीं थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण की प्रक्रिया मशीन में स्पष्ट रूप से दर्ज रहती है ऐसे में वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी कैसे हुई यह जांच का विषय है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राशन दुकान में चावल वितरण के लिए सेल्समैन बार-बार बदले जाते हैं जिससे व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों ने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन से राशन दुकान की व्यवस्था मशीन में दर्ज राशन की मात्रा वितरण रजिस्टर तथा हितग्राहियों को दिए गए राशन की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितता या राशन की हेराफेरी प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायत के बाद खाद्य विभाग इस पूरे मामले की जांच करता है





