Welcome to Jansarovar Prime   Click to listen highlighted text! Welcome to Jansarovar Prime
छत्तीसगढ़

चांपा थाना में हिरासत युवक की मौत का आरोप कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का लगाया आरोप थाना घेराव कर निष्पक्ष जांच की मांग सीसीटीवी फुटेज की जांच जरूरी

 

जांजगीर-चांपा। जिले के चांपा थाना से एक गंभीर मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे स्टेशन मेहंदीपारा से शराब बिक्री के मामले में पुलिस द्वारा 3 लोगों को पकड़कर चांपा थाना लाया गया था।

परिजनों के अनुसार इनमें ईश्वरी राठौर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। मामले में दो लोगों को जेल भेजा  गाय। परिजनों का कहना  है जबकि एक व्यक्ति गुल्लू उर्फ शिव सहिस को थाना परिसर में ही रखा गया था।

 

परिजनों का आरोप है कि जब उक्त व्यक्ति को पुलिस द्वारा चांपा थाना लाया गया था तब उसकी हालत सामान्य थी।

परिजनों ने बताया बाद  पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।

घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की और थाना पहुंचकर घेराव किया। उनका कहना है कि यदि व्यक्ति को पुलिस हिरासत में सही-सलामत लाया गया था तो बाद में मौत कैसे हो गया

एक आरक्षक के निलंबन से उठे सवाल

पुलिस अधीक्षक कार्यालय जिला जांजगीर-चांपा से प्राप्त

जानकारी के अनुसार थाना चांपा के अपराध क्रमांक 478/26, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के प्रकरण में आरक्षक क्रमांक 836 ईश्वरी राठौर द्वारा घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बरतने के फलस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र जांजगीर संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

लेकिन परिजनों और स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि हिरासत में मौत के आरोप गंभीर हैं तो केवल एक पुलिसकर्मी के निलंबन से जांच पूरी नहीं मानी जा सकती। पूरे घटनाक्रम में थाना स्तर पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका हिरासत में रखे जाने की परिस्थितियां तथा व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

थाना के सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच की मांग

 

परिजनों ने चांपा थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि व्यक्ति को किस हालत में थाना लाया गया उसके साथ थाना परिसर में क्या व्यवहार हुआ और उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने क्या किया

 

अब देखना होगा कि जिला पुलिस एवं प्रशासन इस पूरे मामले की जांच किस स्तर पर कराता है और परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है।

 

हिरासत में मौत और मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!