विशुद्ध कुल गौरव मुनि आदित्य सागर महाराज को ” विक्रम गौरव सम्मान ” से सम्मानित किया समाज मे हर्ष की लहर
विशुद्ध कुल गौरव मुनि आदित्य सागर महाराज को विक्रम गौरव सम्मान से सम्मानित किया

विशुद्ध कुल गौरव मुनि आदित्य सागर महाराज को ‘विक्रम गौरव सम्मान’ से अलंकृत
भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं समाज जागरण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान
(संवाददाता मुकेश कुमार जैन )भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं समाज जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए परम पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज को ‘विक्रम गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया गया। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति एवं आलोक संस्थान की ओर से प्रदान किए गए इस सम्मान में मुनिश्री के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
सम्मान समारोह में मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज को सम्मान-पत्र, स्मृति चिह्न एवं पदक प्रदान कर उनके प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। सम्मान-पत्र में उन्हें भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा समाज जागरण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किए जाने का उल्लेख किया गया है।
मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज अपने प्रवचनों एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के माध्यम से धर्म, संस्कार, संस्कृति और सदाचार का संदेश समाज तक पहुंचा रहे हैं। उनके विचारों से युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों में आध्यात्मिक चेतना एवं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को बल मिल रहा है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने मुनिश्री को विक्रम गौरव सम्मान प्राप्त होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे सम्पूर्ण जैन समाज एवं भारतीय संस्कृति के लिए गौरव का विषय बताया।





