उत्तम क्षमा से शुरू हुई आत्मशुद्धि की साधना, दशलक्षण महापर्व में भक्ति से सराबोर हुआ नेमीनगर
उत्तम क्षमा से शुरू हुई आत्मशुद्धि की साधना, दशलक्षण महापर्व में भक्ति से सराबोर हुआ नेमीनगर

उत्तम क्षमा से शुरू हुई आत्मशुद्धि की साधना, दशलक्षण महापर्व में भक्ति से सराबोर हुआ नेमीनगर
इंदौर, 17 सितम्बर 2026। (संवाददाता मुकेश कुमार जैन)।
क्रोध पर क्षमा की विजय, वैर पर प्रेम का भाव और आत्मशुद्धि की ओर बढ़ते कदम—इन्हीं मंगल भावनाओं के साथ दशलक्षण महापर्व के प्रथम दिवस नेमीनगर जैन कॉलोनी स्थित इंद्रपुरी चातुर्मास स्थल पर उत्तम क्षमा धर्म की आराधना का शुभारंभ हुआ। परम पूज्य राष्ट्र गौरव, प्राकृताचार्य, चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य भगवंत श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में पूरा वातावरण जिनभक्ति और धर्ममय भावनाओं से सराबोर रहा।
प्रातःकाल जिनेंद्र प्रभु के अभिषेक एवं मंगल पूजन से धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद दशधर्म पूजन, मंगलाचरण और पादप्रक्षालन के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आराधना की। गुरुदेव के मंगल प्रवचनों ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को उत्तम क्षमा धर्म का मर्म समझाया।
क्षमा केवल किसी से माफी मांगना नहीं, बल्कि मन से क्रोध, अहंकार, वैर और द्वेष को दूर कर आत्मा को निर्मल बनाने की साधना है। दशलक्षण महापर्व का प्रथम दिवस इसी आत्मशुद्धि और क्षमा के संकल्प का संदेश देता नजर आया।
इंद्रपुरी चातुर्मास उत्सव समिति 2026, नेमीनगर जैन कॉलोनी, इंदौर
समर्पित : श्री सुनील सागर युवा संघ, भारत




