इंदौर मे आचार्य सुनीलसागर महाराज के सानिध्य मे वृहद महिला सम्मेलन संपन्न
इंदौर मे आचार्य सुनीलसागर महाराज के सानिध्य मे वृहद महिला सम्मेलन संपन्न

इंदौर मे आचार्य सुनीलसागर महाराज के सानिध्य मे वृहद महिला सम्मेलन संपन्न
नारी शक्ति का हुआ सम्मान, गुरुदेव ने बताया—मां को संस्कारों की पहली पाठशाला
इंदौर। (संवाददाता मुकेश कुमार जैन) — आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में दिगम्बर जैन सामाजिक संसद एवं महिला प्रकोष्ठ द्वारा नेमी नगर स्थित घूंघट गार्डन में इंदौर स्तरीय वृहद महिला सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि धीरेन्द्रकुमार सिंह कासलीवाल रहे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया।
सम्मेलन में मिसेस शेफ कॉम्पिटिशन, प्रतिभा सम्मान, संयुक्त परिवार अभिनंदन, माता-पिता सम्मान, आर्या परिवेश साड़ी फैशन शो, क्विज एवं लकी ड्रॉ सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। लाल चूंदड़ी ड्रेस कोड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम के समापन पर वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज ने नारी शक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि “नारी को केवल नारी मत कहो, नारी नर की खान है।” उन्होंने कहा कि तीर्थंकर भगवान से लेकर आचार्य कुंदकुंद, आचार्य आदिसागर जी, आचार्य शांतिसागर जी, आचार्य विद्यसागर जी एवं आचार्य सन्मति सागर जी जैसे महान संतों के जीवन की शुरुआत भी मां की कोख और मां की गोद से ही हुई।
गुरुदेव ने कहा कि मां की जिम्मेदारी दुनिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है, क्योंकि वही बच्चे के संस्कार, चरित्र और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने मातृशक्ति को अपनी सामर्थ्य पहचानने, संस्कारों को मजबूत करने तथा अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समन्वय आयुषी बाकलीवाल, ज्योति सेठी, मधु जैन एवं स्मिता गंगवाल ने किया, जबकि संचालन अनामिका बाकलीवाल ने किया। सम्मेलन में समाज के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में महिला शक्ति एवं समाजजन उपस्थित रहे।



