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धर्मोदय वर्षायोग 2026 में 16 दिवसीय व्याख्यान माला का शुभारंभ

धर्मोदय वर्षायोग 2026 में 16 दिवसीय व्याख्यान माला का शुभारंभ

धर्मोदय वर्षायोग 2026 में 16 दिवसीय व्याख्यान माला का शुभारंभ

11 सितंबर को फलटन में ‘तीर्थंकर कैसे बनें’ विषय पर आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी देंगे मंगल प्रवचन

फलटन। (संवाददाता मुकेश कुमार जैन )धर्मोदय वर्षायोग 2026 के पावन अवसर पर व्याख्यान वाचस्पति, आर्षमार्ग के संरक्षक एवं क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री 108 गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ससंघ की मंगल वाणी में 16 दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान से परिपूर्ण इस व्याख्यान माला में श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण, संयम और धर्म के विविध आयामों से परिचित कराया जाएगा।

व्याख्यान माला का शुभारंभ शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे श्री सहस्रकूट दिगंबर जैन धर्मशाला, फलटन में होगा। प्रथम दिवस का मुख्य विषय “तीर्थंकर कैसे बनें” रखा गया है। इस अवसर पर आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव “चतुर्दश पुष्प” एवं “षट् आवश्यक में तीर्थंकर बनने की शक्ति” विषय पर मंगल प्रवचन प्रदान करेंगे।

धर्म और आत्मसाधना की दृष्टि से षट् आवश्यक को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए आयोजन में देव पूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप और दान को प्रमुख रूप से प्रस्तुत किया गया है। इन छह आवश्यक धर्मकार्यों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में धर्म, अनुशासन, आत्मसंयम एवं परोपकार की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।

आयोजन के माध्यम से दिगंबर जैन साधुओं को आहार प्रदान करने की परंपरा, श्रावकों द्वारा हाथ से आहार ग्रहण कराने की विधि तथा धर्म-साधना में श्रावक की भूमिका जैसे विषयों पर भी श्रद्धालुओं को प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

16 दिवसीय व्याख्यान माला को लेकर फलटन के जैन समाज में विशेष उत्साह है। प्रतिदिन होने वाले आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को सरल एवं व्यवहारिक रूप में समझने का अवसर मिलेगा।

इस आयोजन के आयोजक सकल जैन समाज फलटन हैं। वहीं संयोजक आचार्य श्री पद्मनंदी अभिषेक मंडल एवं क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी धर्मोदय वर्षायोग समिति 2026, अहिंसा युवा कमेटी हैं।

जैन समाज के श्रद्धालुओं से इस पावन व्याख्यान माला में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरुदेव की मंगलवाणी का श्रवण करने और धर्मलाभ अर्जित करने का आह्वान किया गया है।

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