अनूपपुर जिले की ग्राम पंचायत ऊरा में भ्रष्टाचार का नमूना: बिना नींव के हवा में खड़ी कर दी ‘ढोलू पुलिया’, लाखों के गबन का आरोप


रिपोर्टर :- जियाउद्दीन अंसारी
संभागीय ब्यूरो चीफ शहडोल(म. प्र.)
जन सरोवर प्राइम पत्रिका
अनूपपुर/बदरा। जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊरा में विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और तकनीकी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत द्वारा बनाई गई एक ढोलू पुलिया बिना बेस और बिना ढलाई के ही खड़ी कर दी गई है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कागजों में विकास दिखाने के लिए पुलिया में ऊपर ढोल तो रख दिए गए हैं, लेकिन नीचे अनिवार्य पक्की नींव, बेस और सपोर्ट का काम पूरी तरह गायब है। पुलिया को सीधे कमजोर मिट्टी पर खड़ा कर दिया गया है। तकनीकी जानकारी रखने वाले ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण मानसून में पानी के हल्के बहाव को भी नहीं झेल पाएगा।
30 मीटर पर पहले से मौजूद है पक्की पुलिया, फिर नई की क्या जरूरत?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जगह यह नई पुलिया बनाई गई है, उससे महज 30 मीटर की दूरी पर पहले से ही एक मजबूत और चालू पक्की पुलिया मौजूद है। ऐसे में उसी के पास दूसरी पुलिया बनाने की आवश्यकता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल सरकारी बजट के दुरुपयोग और शासकीय राशि निकालने की सुनियोजित साजिश है।
फर्जी बिल-वाउचर से राशि आहरण का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच-सचिव द्वारा मौके पर मानक अनुरूप काम किए बिना ही फर्जी बिल और वाउचर तैयार कर शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है। गुणवत्ताहीन और टिकाऊ न होने वाले निर्माण से शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
जांच की मांग
ग्राम पंचायत ऊरा के जागरूक नागरिकों और युवाओं ने जिला कलेक्टर अनूपपुर और जिला प्रशासन से इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करता है।




