भूतहा नाला से रोजाना रेत के अवैध उत्खनन का आरोप, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के दावों के बावजूद बेखौफ कारोबार
कप्तान साहब! क्या अमित-आशीष को नहीं है प्रशासन का खौफ?


रिपोर्टर :- जियाउद्दीन अंसारी
संभागीय ब्यूरो चीफ शहडोल(म. प्र.)
जन सरोवर प्राइम पत्रिका
धनपुरी, शहडोल। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रोजाना रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार कई दिनों से यहां मजदूर लगाकर दिनभर रेत निकाली जा रही है। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से डंप किया जाता है और फिर सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है।
खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार
सूत्रों का दावा है कि इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद भी रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। आरोप है कि युवा ब्रदर्स से जुड़े कथित लोगों द्वारा प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही जा रही हैं। यहां तक दावा किया जा रहा है कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और शासन के निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला होगा।
गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व अवैध खनन से बने पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल?
शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार उत्खनन और परिवहन हो रहा है तो सवाल उठना लाजमी है कि जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही है।
वन अमले की भूमिका पर भी सवाल
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की भी चर्चा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।




