

मंहगाई के विरोध में काग्रेंस का उग्र प्रदर्शन,
प्याज और शक्कर की माला पहनकर निकाली रैली
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बिरसिंहपुर पाली — ब्लॉक कांग्रेस पाली ने महंगाई के खिलाफ जिस अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया, उसने केंद्र और राज्य सरकार की पूरी आर्थिक नीति पर ही सवाल खड़ा कर दिया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसियों ने गले में प्याज और शक्कर की माला पहनकर पूरे नगर में भ्रमण किया और कहा कि यह महंगाई नहीं, आम हिंदुस्तानी के जीवन पर चौतरफा हमला है, जहां किसान खेत में टूट रहा है, महिला रसोई में रो रही है, यात्री बस स्टैंड पर लुट रहा है और आम आदमी दुकान पर ठगा जा रहा है।
कांग्रेस का सबसे तीखा हमला सरकार की एथेनॉल नीति पर था। कांग्रेस ने कहा कि सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य दिखाकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इसकी कीमत आम आदमी अपनी थाली से चुका रहा है। गन्ने से शक्कर बनाने के बजाय शक्कर मिलें और बड़ी कंपनियां उसी गन्ने से एथेनॉल बनाकर तेल कंपनियों को बेच रही हैं, क्योंकि उसमें उन्हें ज्यादा मुनाफा मिल रहा है। नतीजा यह है कि बाजार में शक्कर की आवक कम हो गई और दाम एक साथ 40 रुपये किलो से उछलकर 70 से 75 रुपये किलो पर पहुंच गए हैं, जो पेट्रोल के बराबर है। पेट्रोल तो सस्ता हुआ नहीं, लेकिन शक्कर जरूर पेट्रोल के भाव बिकने लगी है। गरीब की चाय की मिठास तक छीन ली गई है और त्योहार से पहले ही रसोई का बजट बिगड़ गया है।
इसी महंगाई की दूसरी कड़ी डीजल से जुड़ी है। डीजल के दाम लगातार बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ा है और उसका सीधा असर प्याज, सब्जी, शक्कर और रोजमर्रा के हर सामान पर पड़ रहा है। साथ ही पाली से शहडोल, उमरिया, बिलासपुर जाने वाली बसों का किराया 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है। कांग्रेस ने कहा कि जो मजदूर रोज कमाने खाने के लिए शहर जाता है, जो छात्र पढ़ने जाता है, उसकी जेब डीजल की महंगाई ने खाली कर दी है। अब गांव से शहर तक जाना भी महंगा हो गया है।
तीसरी मार किसान और आम गृहिणी पर पड़ी है। खेती के पीक सीजन में डीएपी, यूरिया और पोटाश के दाम 300 से 400 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ गए हैं और ऊपर से कालाबाजारी चरम पर है। किसान दिन-दिन भर लाइन में लगने के बाद भी खाद के लिए भटक रहा है। किसान पहले ही खाद-डीजल के बोझ से टूट चुका है, ऊपर से रसोई गैस ने उसकी कमर तोड़ दी है। रसोई गैस सिलेंडर 900 से 950 रुपये का हो गया है और पाली सहित पूरे ग्रामीण अंचल में 10 से 15 दिन तक सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। उज्ज्वला योजना वाले गरीब परिवार तो सिलेंडर भरवा ही नहीं पा रहे हैं और फिर से लकड़ी और कंडे पर लौटने को मजबूर हैं। जब चूल्हा ही नहीं जलेगा तो शक्कर और प्याज खरीद कर क्या करेंगे।
ब्लॉक अध्यक्ष रवि मिश्रा ने कहा कि यह कैसा अमृतकाल है जहां सरकार कहती है सब सस्ता है, लेकिन हकीकत में खाद महंगी, डीजल महंगा, गैस सिलेंडर महंगा और किल्लत वाला और शक्कर पेट्रोल के भाव। गाड़ी की टंकी भरने के लिए गरीब की थाली से मिठास और चूल्हे की आंच दोनों छीन ली गई है। यह नीति अमीरों के लिए और बोझ गरीबों के लिए है।
वरिष्ठ नेता पूर्व जिला संगठन मंत्री संजीव खंडेलवाल ने कहा कि एथेनॉल के नाम पर शक्कर कंपनियों को खुली छूट, खाद कंपनियों को लूट की छूट और गैस एजेंसियों को किल्लत पैदा करने की छूट दे दी गई है। पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह ने कहा कि जब किसान टूटेगा, चूल्हा बुझेगा, बस किराया बढ़ेगा और शक्कर पेट्रोल के भाव बिकेगी तो आम हिंदुस्तानी जीएगा कैसे।
नगर पालिका परिषद की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती उषा कोल ने भी अपने वक्तव्य में मंहगाई के विरोध में कहा की देश में बढती है मंहगाई को कोसते हुए कहा कि हर वस्तु में बढ़ती मंहगाई पर केन्द्र की मोदी सरकार रोक लगाये, नहीं तो जनता खुद इस पर अंकुश लगाने के लिए मोदी सरकार को ही रोक लगा देंगी।
इस हल्ला बोल कार्यक्रम में पूर्व ब्लाक अध्यक्ष प्रमोद उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा,शाकिर खान, शिवकुमार दहिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष मनीष सिंह बड़करे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती उषा कोल, कृष्ण कांत अवधिया,राम बिहारी उपाध्याय, प्रदीप तिवारी, जागरण विश्वकर्मा, ब्लॉक सेवा दल प्रमुख रमेश सिंह सेंगर, रमेश दहिया, उमेश यादव, सनू प्रकाश उपाध्याय, पूर्व उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अंकित मिश्रा, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी, प्रदीप तिवारी, दीपक सरकार, जावेद खान, रवि प्रजापति, विजय यादव, राकेश शुक्ला, साजिद खान, दादू प्रजापति, लवलेश कर्ण, आयुष मिश्रा, अनुज मिश्रा , राजेश कोल, लक्ष्मण कुशवाहा, मानवेंद्र सिंह, सानवेंद्र सिंह, राम नारायण पाण्डेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे और पूरे नगर में महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।




