धनपुरी नंबर 3 का वार्ड नंबर 6/9 करोड़ों के बजट वाली धनपुरी नगर पालिका का एक नमूना
विकास का 'शव' दर्शन


रिपोर्टर :- जियाउद्दीन अंसारी
संभागीय ब्यूरो चीफ शहडोल(म. प्र.)
जन सरोवर प्राइम पत्रिका
शहडोल /धनपुरी
जो बच्चे फावड़ा-कुदाल लेकर स्टेज की सफाई कर रहे हैं, ये नगर पालिका के कर्मचारी नहीं हैं। ये इस मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चे हैं।
क्यों? क्योंकि यहाँ कुछ दिनों बाद मूर्ति स्थापना होनी है, और 5 साल में इस वार्ड की शक्ल देखने तक नहीं आई वो पार्षद महोदया/महोदय को ये तक नहीं पता कि यहाँ स्टेज सड़ रहा है, दीवारें गिर रही हैं।
नगर पालिका का विकास मॉडल देख लीजिए:
1. स्वच्छ धनपुरी: वीडियो में बगल में कचरे का अंबार देख लीजिए। घास-फूस, पत्ते और नाली का सड़ा हुआ कचरा। यही है स्वच्छता का दावा? नगर पालिका दावा करती है ‘स्वच्छ धनपुरी’ और हकीकत में ये कचरा घर है।
2. स्ट्रीट लाइट योजना: पोल खड़ा है, तार लटका है, लेकिन लाइट? पिछले कई सालों से बंद है। लगता है इस पोल पर कभी लाइट लगी ही नहीं थी। पूछो तो जवाब मिलता है – “लाइट आई ही नहीं है।”
3. पार्षद दर्शन दुर्लभ योजना: 5 साल हो गए। मोहल्ले के लोगों ने आज तक शक्ल नहीं देखी। महिला हैं या पुरुष, कैसी दिखती हैं, कोई नहीं जानता। वोट लेने के बाद पार्षद गायब हो जाती हैं क्या?
4. सड़क खोदो और भूल जाओ योजना: नवंबर-दिसंबर में पाइपलाइन के लिए सड़क खोदी गई, आज तक वैसी ही पड़ी है। छोटे-छोटे बच्चे रोज गिरते-पड़ते हैं। कोई देखने वाला नहीं।
बड़ी शर्म की बात है कि जिस स्टेज का जीर्णोद्धार नगर पालिका को करना चाहिए, वो काम मोहल्ले के 12-13 साल के बच्चे कर रहे हैं।
करोड़ों का बजट कहाँ जा रहा है? कागजों पर या जेबों में?




