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छत्तीसगढ़

विकास खंड बम्हनीडीह के दूरस्थ अंचल में साक्षरता की नई पहल: गांव -गांव पहुंचा “उल्लास नवभारत साक्षरता”अभियान*

रैली और नुक्कड़ नाटक से गांवों में गूंजेगा साक्षरता का संदेश*। अभियान को जन भागीदारी से जोड़ने के लिए छात्र-छात्राओं के सहयोग से साक्षरता रैली, साइकिल रैली,प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। दूरस्थ अंचल के गांव में चौपाल जागरूकता शिविर और नारा लेखन जैसी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा के महत्व का संदेश पहुंचाया जाएगा। अभियान में शिक्षक विद्यार्थियों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि,एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवक, शिक्षित दीदियां,स्व सहायता समूह की महिलाएं,सामाजिक संस्थाएं और शासकीय कर्मचारी की भी भागीदारी करेंगे। *विद्यार्थियों को बनाया जाएगा अक्षर साथी*। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों तथा महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को अक्षर साथी के रूप में एनआईएलपी पर पंजीकृत कर असाक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणित का ज्ञान देने में सहयोग लिया जाएगा।इस पहल से दूरस्थ गांवों के युवाओं और विद्यार्थियों को अपने ही समुदाय के लोगों को शिक्षा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। *नवसाक्षरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर*। साक्षरता अभियान को केवल पढ़ने लिखने तक सीमित न रखते हुए नव साक्षरों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।चौपाल एवं बैठकों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की पात्रता और लाभ की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।पूर्व में आयोजित परीक्षाओं में शामिल नवसाक्षरों को पात्रता अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। दूरस्थ अंचल में इस पहल को ग्रामीण महिलाओं और वयस्कों को शिक्षा को मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।प्रशासन का लक्ष्य है कि साक्षरता का संदेश केवल जिला मुख्यालय विकासखंड तक सीमित ना रहे बल्कि अंतिम गांव और हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। *विकास खंड बम्हनीडीह के दूरस्थ अंचल में साक्षरता की नई पहल: गांव -गांव पहुंचा "उल्लास नवभारत साक्षरता"अभियान* *घर घर चिन्हांकन के साथ असाक्षर लोगों को बुनियादी शिक्षा से जोड़ने की तैयारी* विकासखंड बम्हनीडीह में शिक्षा और साक्षरता को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से साक्षरता पखवाड़े का आगाज किया गया है। इस अभियान के तहत विकासखंड बम्हनीडीह के दूरस्थ ग्रामीण एवं क्षेत्रों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।जिला कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय पोयाम जिला शिक्षा अधिकारी एम पी सिंह के निर्देशानुसार एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विकास खंड मुख्यालय से लेकर संकुल और ग्राम स्तर तक चलाया जा रहा है। *दूरस्थ गांवों में घर-घर पहुंचेगा साक्षरता अभियान* असाक्षर व्यक्तियों का घर-घर जाकर चिन्हांकन कर,ऑनलाइन पंजीयन कर साक्षरता कक्षाओं से जोड़ा जाएगा।अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों तक शिक्षा का पहुंच बनाना है जहां किसी कारणवश लोग औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं गांव में स्वयंसेवी साथियों को तैयार कर साक्षरता कक्षाओं में संचालन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।सामाजिक चेतना केंन्द्रो के निरीक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बैठकें और चौपाल आयोजित कर लोगों को साक्षरता के महत्व की जानकारी दी जाएगी। *रैली और नुक्कड़ नाटक से गांवों में गूंजेगा साक्षरता का संदेश*। अभियान को जन भागीदारी से जोड़ने के लिए छात्र-छात्राओं के सहयोग से साक्षरता रैली, साइकिल रैली,प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। दूरस्थ अंचल के गांव में चौपाल जागरूकता शिविर और नारा लेखन जैसी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा के महत्व का संदेश पहुंचाया जाएगा। अभियान में शिक्षक विद्यार्थियों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि,एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवक, शिक्षित दीदियां,स्व सहायता समूह की महिलाएं,सामाजिक संस्थाएं और शासकीय कर्मचारी की भी भागीदारी करेंगे। *विद्यार्थियों को बनाया जाएगा अक्षर साथी*। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों तथा महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को अक्षर साथी के रूप में एनआईएलपी पर पंजीकृत कर असाक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणित का ज्ञान देने में सहयोग लिया जाएगा।इस पहल से दूरस्थ गांवों के युवाओं और विद्यार्थियों को अपने ही समुदाय के लोगों को शिक्षा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। *नवसाक्षरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर*। साक्षरता अभियान को केवल पढ़ने लिखने तक सीमित न रखते हुए नव साक्षरों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।चौपाल एवं बैठकों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की पात्रता और लाभ की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।पूर्व में आयोजित परीक्षाओं में शामिल नवसाक्षरों को पात्रता अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। दूरस्थ अंचल में इस पहल को ग्रामीण महिलाओं और वयस्कों को शिक्षा को मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।प्रशासन का लक्ष्य है कि साक्षरता का संदेश केवल जिला मुख्यालय विकासखंड तक सीमित ना रहे बल्कि अंतिम गांव और हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

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