
दस उपवास करने वाले श्रावकों का हुआ भव्य पारणा, गुरुदेव ने दिया मंगल आशीर्वाद

तप, त्याग और संयम की साधना को मिला सम्मान; बैंड-बाजों के साथ निकला भव्य जुलूस, चांदी के सिक्कों से तपस्वियों का सम्मान
इंदौर। (संवाददाता मुकेश कुमार जैन)।
दशधर्म महापर्व के पावन अवसर पर दस उपवास की कठिन साधना पूर्ण करने वाले श्रावकों का नेमी नगर जैन कॉलोनी में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य पारणा संपन्न हुआ। साधना की पूर्णता के इस मंगल अवसर पर आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी गुरुदेव स्वयं पधारे और सभी तपस्वी श्रावकों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
गुरुदेव के पावन सान्निध्य में सभी उपवासधारी श्रावकों ने विधिपूर्वक पारणा किया। दस उपवास जैसी कठिन साधना पूर्ण होने पर तपस्वियों के परिजनों एवं समाजजनों में विशेष उत्साह और आनंद का वातावरण रहा। श्रद्धालुओं ने तपस्वियों की साधना की अनुमोदना करते हुए उनके संयम, आत्मबल और दृढ़ संकल्प को नमन किया।
पारणा के उपरांत दसों तपस्वी श्रावकों का भव्य जुलूस निकाला गया। बैंड-बाजों की मंगल धुनों के बीच निकले जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मार्ग में जगह-जगह तपस्वियों का अभिनंदन करते हुए श्रद्धालुओं ने उनके तप की अनुमोदना की और धार्मिक जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर सभी दस उपवास करने वाले श्रावकों को चांदी के सिक्के भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में तपस्वियों की कठिन साधना, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प की भावपूर्ण अनुमोदना की गई।
दशधर्म महापर्व के दौरान संपन्न हुआ यह भव्य पारणा समारोह समाज के लिए तप, त्याग और आत्मसंयम की प्रेरणा देने वाला रहा। श्रद्धालुओं ने तपस्वियों की साधना से प्रेरणा लेते हुए धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।




