अनंतमती श्राविका संस्कार शिविर में बालिकाओं को मिले धर्म और संस्कारों के संदेश
अनंतमती श्राविका संस्कार शिविर में बालिकाओं को मिले धर्म और संस्कारों के संदेश

अनंतमती श्राविका संस्कार शिविर में बालिकाओं को मिले धर्म और संस्कारों के संदेश
आर्यिका माँ 105 प्रशममति माताजी ने बालिकाओं को दिया उज्ज्वल भविष्य का मंगल आशीर्वाद
धर्म नगरी घाटोल, जिला बांसवाड़ा। (संवाददाता : मुकेश कुमार जैन)
धर्म नगरी घाटोल, जिला बांसवाड़ा में आयोजित अनंतमती श्राविका संस्कार शिविर में बालिकाओं को धर्म, संस्कार और सदाचार की शिक्षा प्रदान की गई। शिविर में वंदनीय आर्यिका माँ 105 प्रशममति माताजी का मंगल सान्निध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
आर्यिका माँ प्रशममति माताजी द्वारा शिविर में शामिल सभी बालिकाओं को धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों से जोड़ते हुए जीवन में संयम, अनुशासन, सदाचार और अच्छे विचारों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। माताजी ने बालिकाओं को बताया कि जीवन में शिक्षा के साथ संस्कारों का होना भी अत्यंत आवश्यक है। अच्छे संस्कार ही व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।
शिविर के दौरान बालिकाओं में धर्म के प्रति आस्था, गुरुजनों के प्रति श्रद्धा तथा माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। बालिकाओं ने भी उत्साहपूर्वक शिविर में सहभागिता करते हुए संस्कारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वंदनीय आर्यिका माँ 105 प्रशममति माताजी ने सभी बालिकाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति एवं धर्ममय जीवन के लिए मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
आर्यिका माताजी के पावन सान्निध्य से शिविर का वातावरण आध्यात्मिक एवं संस्कारमय बना रहा। आयोजन ने बालिकाओं के व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ उनमें धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।




