थाना बाराद्वार के ग्राम झालरौंदा मे बिजली बंद होने की बात पूछना पड़ा भारी प्लास से सिर पर हमला करने का आरोप एफआईआर के बाद भी आरोपी घूम रहा है खुलेआम
पीड़ित का आरोप—गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के बाद सिर पर प्लास से किया हमला पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में दर्ज की एफआईआर
जिला सक्ती के थाना बाराद्वार क्षेत्र से एक गंभीर मारपीट और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित उजीत कुमार चंद्र द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार दिनांक 28 अगस्त 2026 की सुबह करीब 8 बजे उनके घर की बिजली अचानक बंद हो गई थी। बताया गया कि आसपास के अन्य घरों में बिजली की आपूर्ति जारी थी जबकि उनके घर की बिजली बंद थी।

पीड़ित के अनुसार अपने घर की बिजली बंद होने का कारण जानने के लिए वह सुरीत सतनामी के घर के पास स्थित आम गली में ट्रांसफार्मर के पास पहुंचे। वहां गांव का रहने वाला संजय नायक हाथ में प्लास लिए खड़ा था।

शिकायतकर्ता उजीत कुमार चंद्रा का आरोप है कि उन्होंने संजय नायक से पूछा कि जब अन्य लोगों के घरों में बिजली चालू है तो उनके घर की बिजली आखिर कैसे और क्यों बंद हो गई। आरोप है कि इतना पूछते ही संजय नायक भड़क गया और उसने कहा कि तुम मुझसे पूछने वाले होतो कौन हो।
पीड़ित के मुताबिक इसके बाद आरोपी ने उनके साथ मां-बहन की गंदी गंदी गाली अश्लील गलौज दी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
मामला यहीं नहीं रुका। पीड़ित उजीत कुमार चंद्रा का आरोप है कि आरोपी संजय नायक ने अपने हाथ में रखे प्लास से उनके सिर पर हमला कर दिया। प्लास से सिर पर चोट लगने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका सिर लहूलुहान हो गया।

घटना के बाद पीड़ित द्वारा थाना बाराद्वार पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई गई तथा आरोपी के विरुद्ध उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
बताया जा रहा है कि थाना बाराद्वार पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 296, धारा 351(3) एवं धारा 115(2) के तहत अपराध दर्ज कर एफआईआर कायम की है।
लेकिन अब इस मामले को लेकर पीड़ित पक्ष पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है।

शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है।
पीड़ित और उसके परिजनों का सवाल है कि आखिर गंभीर मारपीट गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है
पीड़ित पक्ष ने जिला पुलिस प्रशासन से मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपी के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सक्ती जिले के थाना बाराद्वार पुलिस की कार्रवाई आखिर इतनी धीमी क्यों है
एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूमने का आरोप क्यों लग रहा है। क्या पुलिस आरोपी को जल्द गिरफ्तार करेगी या पीड़ित को कार्रवाई के लिए और इंतजार करना पड़ेगा
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई पर पीड़ित पक्ष सहित क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले के सभी तथ्यों और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




