कलेक्टर ने 14 पीठासीन अधिकारियों पर लगाया अर्थदण्ड, सीएमओ शहडोल पर 2000 रुपये का जुर्माना
तीन दिवस में राशि जमा करने के दिए निर्देश


*रिपोर्टर :- *जियाउद्दीन अंसारी*
संभागीय ब्यूरो चीफ शहडोल(म. प्र.)
जन सरोवर प्राइम पत्रिका*
शहडोल। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पार्थ जायसवाल ने मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 5(1)(2) के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान न करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए 14 पीठासीन अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।
कलेक्टर श्री जायसवाल द्वारा कुल 9500 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न सेवाओं में बिना पर्याप्त एवं युक्तियुक्त कारण के विलंब किया गया था।
किस पर कितना जुर्माना –
प्रमाण पत्र प्रदाय न करने पर नगर पालिका अधिकारी धनपुरी श्री अमित तिवारी, भूमि सीमांकन के प्रकरण में नायब तहसीलदार सोहागपुर श्री श्यामलाल मोगरे, जन्म के 1 वर्ष पश्चात पंजीयन की अनुमति के संबंध में तहसीलदार सोहागपुर श्री दीपक पटेल, अविवादित नामांतरण न करने पर नायब तहसीलदार जयसिंहनगर श्री शनि द्विवेदी, मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में ग्राम पंचायत कुबरा के सचिव श्री रामचरित साहू, ग्राम पंचायत जैतपुर के सचिव प्रभुनाथ बैगा, ग्राम पंचायत तेंदूडोल के सचिव संग्राम सिंह, ग्राम पंचायत धमनीकला के सचिव अरुण मिश्रा, ग्राम पंचायत मैरटोला के सचिव लक्ष्मण कोल, विवाह पंजीयन के संबंध में ग्राम पंचायत कैरहा के सचिव अजय सिंह, जन्म प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध न कराने पर ग्राम पंचायत आखेटपुर के सचिव रामकिशोर पटेल तथा अनुज्ञप्ति नवीनीकरण के संबंध में सहायक संचालक उद्यानिकी झनक सिंह पर 500-500 रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
इसी प्रकार मृत्यु प्रमाण पत्र प्रदान न करने पर ग्राम पंचायत गोपालपुर के सचिव पर 1500 रुपये तथा जन्म प्रमाण पत्र प्रदाय न करने पर नगर पालिका अधिकारी शहडोल श्री निशांत सिंह पर 2000 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि तीन दिवस के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।


